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संघीय बजट 2020-21 की प्रमुख विशेषताएँ
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी, 2020 को केंद्रीय बजट (वर्ष 2020-21) संसद में पेश किया।
बजट संबंधी प्रमुख बिंदु:
§ व्यय: केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 में 30.42 लाख करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव किया है, जो कि वित्त वर्ष 2019-20 के संशोधित अनुमान से 12.7 प्रतिशत अधिक है।
§ प्राप्ति: वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिये केंद्र सरकार ने 22.46 लाख करोड़ रुपए की प्राप्ति अनुमानित की, जो कि वित्तीय वर्ष 2019-20 से 16.3 प्रतिशत अधिक है।
§ GDP वृद्धि: केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 में नॉमिनल GDP में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर अनुमानित है।
§ घाटा: आगामी वित्त वर्ष के लिये राजस्व घाटा कुल GDP का 2.7 प्रतिशत निर्धारित किया गया है, जो कि जो वित्त वर्ष 2019-20 में 2.4 प्रतिशत के संशोधित अनुमान से अधिक है।
कर संबंधी प्रावधान
:
1.
आयकर
केंद्र सरकार ने आयकरदाताओं को राहत प्रदान करने और आयकर संबंधी कानूनों को सरल बनाने के उद्देश्य से एक नई और सरलीकृत आयकर व्यवस्था स्थापित करने प्रस्ताव किया ह।
2.
सहकारी संस्थाएं
सरकार ने केंद्रीय बजट के माध्यम से सहकारी संस्थाओं और कॉर्पोरेट क्षेत्र के बीच समानता लाने का प्रयास किया है।
3. वस्तु एवं सेवा कर (GST)
01
अप्रैल, 2020 से GST रिटर्न दाखिल करने की सरलीकृत प्रक्रिया लागू कर दी जाएगी।
शिक्षा एवं कौशल
:
§ इस बजट के तहत एक नई शिक्षा नीति की
घोषणा का प्रावधान किया गया है।
§ राष्ट्रीय पुलिस विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना करने का प्रस्ताव किया गया है।
आर्थिक विकास:
उद्योग, वाणिज्य
एवं निवेश
o पाँच नवीन ‘स्मार्ट सिटी’ को विकसित करने का प्रस्ताव है।
o ज़्यादा निर्यात ऋणों का वितरण सुनिश्चित करने के लिये नई योजना प्रारंभ की जाएगी।
o प्रधानमंत्री के ज़ीरो डिफेक्ट-जीरो इफेक्ट विनिर्माण विज़न गुणवत्ता मानक जारी करेंगे।


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